चेरेवैती...चेरेवैती यानी चलते रहें, चलते रहें. मन को सुकून देती है

यायावरी की यादें ... कैमरे ने जो देखा लिख दिया...स्म्रति के द्र्श्यलेखों को पढ़ें

आप भी..

Photos Copyright : Dr. Rajesh Kumar Vyas


Thursday, March 15, 2012

छतीशगढ़ के खजुराहो में

पिछले सप्ताह छतीशगढ़ जाना हुआ था. राजनांदगाँव जिले में खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविध्यालय में व्याखान के लिए. ऐसे मोकों की ही तो यायावर मन को तलाश रहती है, सो खैरागढ़ से कोई 80  किलोमीटर दूर छतीशगढ़ के खजुराहो कहे जाने वाले शिवधाम भोरमदेव भी जाना हुआ... कला संकाय के डीन प्रोफेसर और कलाकार महेशचंद्र शर्मा ने खैरागढ़ में अपनी गाडी की चाबी थमा दी. ड्राइव करते ही पहुंचा भोरमदेव. आप भी करें छाया-चित्रों का आस्वाद ..






Saturday, December 17, 2011

उन्मुक्त गगन...




उन्मुक्त गगन...ढल आयी साँझ, उड़ चले पक्षी नीड़ की ओर






Sunday, November 27, 2011

आमेर में, जल महल की पाल पर


अभी कुछ दिन पहले ही पुणे से आये मित्र स्वरुप के साथ आमेर जाना हुआ था...आमेर को जितनी बार देखो, उतनी ही बार वह नया लगता है. जलमहल रास्ते में पड़ता है, आमेर से लौटे तो जलमहल की पाल पर भी कुछ समय बिताया ही. छाया-चित्रों से आप भी करें हमारी इस यात्रा का आस्वाद..








Sunday, November 6, 2011

पावन धाम शिव-बाड़ी

बीकानेर शहर से कोई 9 किलोमीटर दूर है भगवान शिव का पावन धाम शिव-बाड़ी. प्राक्रतिक सुषमा सम्पन्न इस पावन धाम में पिछले दिनों जाना हुआ तो मन किया सुकून के पलों को संजो लूँ...कैमरा  साथ था ही.  संवित सोमगिरी जी शिवबाड़ी के महंत है. उनका सानिध्य भी अनायास मिल गया...यह उनके ही प्रयास हैं की शिवबाड़ी निखर गयी है...कभी एक बावड़ी हुआ करती थी, बचपन में जाते तो उसे देखते... म्रतुन्जयी महादेव अब वंहा विराजने लगे हैं.  शिव की बेहद सुंदर प्रतिमा संवित सोमगिरीजी के प्रयासों से ही वंहा देखने को अब मिल रही है....बीकानेर जाना हो तो शिव के इस पावन धाम जरुर जाएँ, कुछ पल वंहा बिताएं, फिलहाल मंदिर की अपनी यात्रा आपके लिए इन छाया-चित्रों से ही संभव कर रहा हूँ....












Wednesday, October 19, 2011

जल में कमल

जयपुर में कुलिश स्म्रती वन  है...हरीतिमा से आच्छादित. पेड़, पक्षी, फुल, पत्तियों को देख मन करता है, निहारते रहें प्रक्रति की इस सुरम्यता को.. जल में कमल देखे, कैमरे ने हरकत की ही...